पनडब्बा
एक औरत थी | वह खूब पान खाती थी | उसके पास एक ख़ूबसूरत पनडब्बा था | वह चाहती थी लोग उसके पनडब्बा के बारे में जानें | उस पनडब्बा को लोग देखें | पर कैसे दिखाए वो सबको | लोगों को जबरदस्ती तो दिखा नहीं सकती थी |
एकाएक उस औरत के दिमाग में एक उपाय आया | उसने अपने घर में आग लगा दी |
घर जलते देख कर अगल बगलवाले दौड़े | कोई आग बुझा रहा था तो कोई सामान निकल रहा था |
वह औरत चिल्लाई ...अरे मेरा पनडब्बा निकालो !
कुछ लोग पूछे ...अरे आप पान खाती हैं ?
वह औरत बोल पड़ी ....आगे पूछे होते तो क्या मैं अपने घर में आग लगाती |
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