स्वार्थी बुढ़िया
एक बुढ़िया थी । उसने एक दिन एक भूखे को शकरकंदी दान की थी ।
वह जब गुजरी तो यमदूत उस के दान के पुण्य के फलस्वरूप उसे स्वर्ग ले चले ।
उस समय हर मृत व्यक्ति उस बुढ़िया का पैर पकड़ कर लटक गया ।
यह देख बुढि़या के मन में स्वार्थ जागा। उसने सोचा - अपने दान के पुण्य के बल पर वह स्वर्ग जा रही है । और उसके सहारे अन्य व्यक्ति भी जा रहे हैं।
बुढ़िया की ऐसी स्वार्थपूर्ण भावना के कारण यमदूत ने उसे नर्क में फेंक दिया ।
बाकी व्यक्ति भी नर्क में गिर पड़े ।
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