भय ही भूत
27 August 2014
13:02
एक दिन गांव में हल्ला मचा | सब भागने लगे एक दुसरे सुन के कि गांव में एक राक्षस आनेवाला है | वह राक्षस आदमी को मार कर खा जाता है |
एक पांच वर्षीय बालक ने सोंचा कि देखा जाय यह राक्षस कैसा है |
सभी गांववाले गांव छोड़ कर भाग गये |
दूसरे दिन बालक ने देखा कि गांव में एक विशालकाय राक्षस घूम रहा है |
वह राक्षस अपने सामने एक पांच वर्षीय बालक को खड़े देख चौंक गया |
' ए लड़के ! सब गांववाले मुझसे डर के भाग गये | तू नहीं गया ? तुझे मुझसे डर नहीं लगता ? ' , राक्षस ने बालक से गुर्रा कर पूछा |
' नहीं , मुझे किसीसे नहीं डर लगता | मैं क्यों डरूं भला तुमसे ? ' बालक ने बहादुरी से जवाब दिया |
एक छोटे से बालक के मुंह से इस प्रकार का निडर उत्तर पा राक्षस थोड़ा डर गया |
राक्षस का आकार थोड़ा घट गया |
अब आश्चर्य से भरा राक्षस क्रोध में आ कर बार बार बालक से अपना पहला प्रश्न पूछने लगा |
पांच वर्षीय बालक के हर निडरता भरे उत्तर सुन राक्षस का आकार घटने लगा |
और अंत में राक्षस बिंदु बन के गायब हो गया |
बालक खुश हो गया |
गांववाले जब वापस लौटे तो गांव में बालक को जिन्दा पा कर आश्चर्यचकित हुये |
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