कुत्ता और कांच का घर
एक कुत्ता था |
वह एक दिन एक कांच के घर में भूल से घुस गया | जिस तरफ वह देखे उसे एक कुत्ता दिखाई दे | गुस्सा से वह उस पर भूँकने लगा | भूंकते भूंकते वह थक गया और हार कर बैठ गया |
कुत्ते ने देखा कि सामनेवाला कुत्ता भी बैठ गया है | थोड़ी देर बाद वह कुत्ता उठ खड़ा हुआ और कांच में के कुत्ते को देख अपनी दुम हिलाने लगा | अब दूसरा कुत्ता भी दुम् हिला रहा था |
कुत्ते को बड़ा मजा आया | वह जोर जोर से कूद कर कांच में के कुत्ते को छूने लगा | उसने देखा कांच के अंदर वाला कुत्ता भी उसे छू रहा है |
इस प्रकार वह देर तक खेलता रहा कुत्ता | फिर वह कांच के घर से बाहर निकल आया |
अब वह हर रोज जाता था उस कांच के घर में क्योंकि उसे वहां मजा आने लगा था |
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